Registry: पंजाब में रजिस्ट्री करने को लेकर बदल गया नियम! देखें नए नियम

Registry: पंजाब में रजिस्ट्रेशन सिस्टम में इन दिनों आमूलचूल बदलाव देखे जा रहे हैं। विशेषकर जालंधर जिले के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में बीते दिनों चार नए ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्तियों के बाद न केवल कामकाज की रफ्तार बदली है, बल्कि रजिस्ट्री(Registry) की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता और कठोरता का नया अध्याय शुरू हुआ है।Registry
ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार ने विगत कल जहां पहले बिना एन.ओ.सी. और रकबे को तोड़कर संपत्तियों की रजिस्ट्री(Registry) करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। वहीं ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार ने पुडा, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों से अप्रूव्ड कॉलोनियों की रजिस्ट्री को लेकर स्पष्ट कहा है कि केवल लाइसैंस(license) नंबर से काम नहीं चलेगा। अब कॉलोनाइजर को उस कॉलोनी के लिए संबंधित विभाग से प्राप्त लाइसैंस(license) नंबर के साथ-साथ लाइसैंस(license) और कंप्लीशन सर्टीफिकेट भी लगाना अनिवार्य होगा अन्यथा रजिस्ट्री को मंजूरी नहीं दी जाएगी।Registry

कल जालंधर-2 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एक ऐसा ही मामला सामने आया जिसने इस नए फरमान को एक्शन में दिखाया। तहसील में कार्यरत अर्जीनवीस देस राज दो कॉलोनियों की रजिस्ट्री(Registry) कराने पहुंचे, जिनमें से एक कॉलोनी वडाला गांव के एक “पी” नाम के रॉयल कॉलोनाइजर की थी जबकि दूसरी “रा” नामक कॉलोनाइजर की कॉलोनी की थी। अजीर्नवीस का दोनों कॉलोनियों में दावा था कि वे पुडा से अप्रूव्ड हैं और उन्होंने विभाग से जारी लाइसैंस(license) नंबर भी लिखे हुए हैं।Registry
हालांकि, जब ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार रवनीत कौर और जगतार सिंह ने रजिस्ट्री के दस्तावेजों Registryकी जांच की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल लाइसैंस(license) नंबर से रजिस्ट्री(Registry) की मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्हें कॉलोनी के लिए जारी किया गया कंपलीशन सर्टीफिकेट भी साथ लाना होगा।Registry










